उत्तराखंड पुलिस ने चलाई “मैं भी हरजीत” मुहिम , जानिये क्या है इसका कारण


उत्तराखंड पुलिस : जैसा की सभी जानते है कि पंजाब के पटियाला में दो हफ्ते पहले की जब कर्फ्यू पास मांगने पर निहंगों द्वारा पुलिस के एएसआई हरजीत सिंह का हाथ काट देने की शर्मनाक घटना सामने आयी थी। जिसके बाद पूरा देश इस वारदात के बाद हरजीत सिंह के साथ खड़ा हो गया था। अब इसी कड़ी में उत्तराखंड पुलिस ने भी एकजुटता दिखाई है।

इस दर्दनाक हमले के बाद कोई भी आम आदमी हार मान लेता है मगर साहसी एसआई हरजीत अपने कटे हुए हाथ के साथ खुद उपचार के लिए अस्पताल पहुंच गए थे। इसके बाद डॉक्टरों के सात घण्टे से लम्बे ऑपरेशन के बाद उनके कटे हाथ को जोड़ने में सफलता हाथ लगी थी।

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अब हरजीत सिंह के स्वास्थ्य में काफी सुधार है जिसके बाद पंजाब पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने उनको सम्मान देने के लिए सबसे पहले अपने बैज पर ” हरजीत सिंह’ लिखा था। हरजीत सिंह अब एक पुलिस अफसर से भी अधिक लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं।

पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता की पहल पर 27 अप्रैल को उत्तराखंड पुलिस ने अलग अलग ढंग से ड्यूटी कर एएसआई हरजीत सिंह का हौसला बढ़ाया है। सोमवार को हरिद्वार पुलिस भी एएसआई हरजीत सिंह बनकर शहर की सड़क पर उतरी।

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एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने अधीनस्थों संग जिला पुलिस मुख्यालय पर हाथ में ‘मैं भी हरजीत सिंह’ के स्लोगन लिखकर उनका हौसला बढ़ाया। उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी ने बताया कि एसआई हरजीत सिंह ने कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा के साथ किया।ऐसी सेवा भाव ही राष्ट्र के सम्मान को बढ़ाती है। एसआई हरजीत सिंह ने जो बहादुरी और शौर्य दिखाया है वो सराहनीय है।

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