बागेश्वर / उत्तराखंड में कुदरत की मार ने तोडी़ किसानों की कमर, मूसलाधार बारिश में गेहूँ समेत कईं फ़सलें नष्ट, मुआवजे की मांग


बागेश्वर / उत्तराखंड में कुदरत की मार ने तोडी़ किसानों की कमर, मूसलाधार बारिश में गेहूँ समेत कईं फ़सलें नष्ट, मुआवजे की मांग। जहां एक ओर कोरोना जैसे महामारी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं तो वहीं इस कुदरत की मार ने किसानों की कमर को तोड़ कर रख दिया है। हुई बेमौसमी बारिश, तेज हवाओं ओर ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश से गेहूं,लीची ओर आम की फ़सल नष्ट हो गयी।

बारिश से तैयार खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हो गया तथा तापमान में गिरावट आ गई। मूसलाधार बारिश के बाद जहां किसानों के चेहरे मुरझा गए। पूरे प्रदेश में मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सही साबित हुई। कुमाऊ में बागेश्वर के आसपास के इलाक़ों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई।

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जहां एक तरफ किसान लॉक डाउन की मार झेल रहा था तो वही ओलावृष्टि ओर मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर कर दोहोरी मार दी है। क्योंकि लॉक डाउन के चलते मजदूर न मिलने से किसानों की खेत में कटने को तैयार खड़ी तथा कटी हुई गेहूं की फसल चौपट हो गयी।

बारिश होने से तापमान में गिरावट आयी। वहीं पेड़ पर आम और लीची की फसल को भी भारी नुकसान होने की संभावना है। और राज्य भर के किसान इस बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुवाअजे की मांग कर रहे है।

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