सितारगंज: लॉकडाउन में काम न मिलने के कारण उत्तराखंड में युवक ने जहर खाकर दे दी जान


ये पूरा मामला सितारगंज का है जहाँ आर्थिक तंगी झेल रहे युवक ने तनाव में आकर खुदखुशी कर ली है। युवक की मां किडनी रोग से ग्रसित है और किसी प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। युवक और उसका परिवार ब्याज पर उधार लिए रुपयों से अपनी माँ का इलाज कर रहा था।

सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र कोरंगा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सिडकुल बंदरिया चौक निवासी सुरेश कुमार एल्डिको में माली हैं। उनका बेटा सोनू (23) भी सिडकुल के एक होटल में माली था।

पूरे भारत के साथ-साथ उत्तराखंड में भी बीते 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है जिसके बाद जो जहाँ फंसा हुआ है वो वहीँ रहने को मजूबर है और सभी काम धंधे बंद होने के कारण रोजी-रोटी पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आये दिन खबरें आ रही हैं कि गरीबों को और मजदूरों को खाना नहीं मिल पा रहा है।

गरीब और मजदूर इन दिनों बिना रोजगार के अपनी जीविका चलाने के लिए जरुरी संसाधन नहीं जुटा पा रहे हैं। इस बीच एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है जहाँ लॉकडाउन के कारण और रोजगार न मिल पाने के कारण एक युवक जहर खाने को मजबूर हो गया और अब उसकी मृत्यु भी हो चुकी है।

दो दिन पहले सुरेश की पत्नी फूलमती की तबीयत बिगड़ी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लॉकडाउन की वजह से काम न मिलने के कारण परिवार आर्थिक तंगी झेल रहा था। इसी तनाव में आकर सोनू ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है।

परिजन उसे सीएचसी ले गए, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया है। सुरेश कुमार का सबसे बड़ा बेटा अमरनाथ हैदराबाद में काम करने गया था लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह वहीं फंसा है। उससे छोटा सोनू था जिसने लॉकडाउन और आर्थिक तंगी के कारण अपनी जान दे दी है।