हरिद्वार : गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना किया, भेज दिया क्वारंटाइन सेंटर


हरिद्वार: यहाँ मात्र 23 साल की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने की बजाय Covid-19 टेस्ट करवाने के लिए आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया। टाइम्स ऑफ़ इण्डिया के हवाले से जानकारी मिली है कि बीते गुरूवार को उक्त महिला अपने पति के साथ कोविड-19 के इलाज हेतु महिला अस्पताल गयी थी, जहां डाॅक्टरों द्वारा आईसीएमआर (ICMR) का केस बताकर उक्त महिला का प्रसव कराने से मना कर दिया गया। और उसे कोविड-19 के टेस्ट करवाने के लिये ऋषिकुल आयुर्वेदिक काॅलेज में बने आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया।

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जहां उन्हे यह बोल कर सेंटर के बाहर से ही लौटा दिया गया, कि अभी कोविड-19 के सेंपल लेने के लिये हमारे यहां कोई सुविधा नहीं है। इस विषय पर महिला अस्पताल की मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक से बात की गयी तो उनका कहना था, कि आईसीएमआर (ICMR) द्वारा हमें स्पष्ट तौर पर आदेश प्राप्त है, कि कोविड-19 की जांच के उपरांत ही किसी भी गर्भवती महिला को अस्पताल में एडमिट किया जाये, अन्यथा उन्हे जांच हेतु आइसोलेशन सेंटर के लिये भेजा जाये।

वहीं जब यह मामला जिला अस्पताल की सीएमओ डाॅ. सरोज नैथानी के संज्ञान मे आया तो उन्होने इस बात पर सफाई देते हुये कहा कि – मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है, कि गर्भवती महिला को उच्च अधिकारियों की सलाह लिये बगैर कैसे आइसोलेशन सेंटर भेजा गया, कहा कि हमारे द्वारा स्वंय अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के लिये जांच हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। और इसके लिये हमारे द्वारा डाॅक्टरों को निर्देशित भी किया गया है।

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बता दे कि आईसीएमआर (ICMR) द्वारा अपनी गाइडलाइंस में स्पष्ट रूप से अंगिकृत है कि गर्भवती महिला का उपचार व जांच वहीं की जाये जहां वह मां बनने वाली है तथा जांच के लिये सेंपल लेने के लिये आवश्यक व्यवस्थाऐं की जाएं।