पहाड़ की महिलाओं के साहस को सलाम, ऐसे बचायी गुलदार के हमले से सहेली की जान


पहाड़ मे महिलाओं के साहस और जज्बे की तारीफ चारों तरफ हो रही है। पिथौरागढ जिले में जिला मुख्यालय से लगभग तीस किमी दूर खतीगांव स्थित है। जहां घास काटने गई एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। इस दौरान वहां दूसरी महिलाएं भी घास काटने गई थी।

महिलाएं जंगल में दूर -दूर रह कर घास काट रही थी। इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने पुष्पा देवी 34 वर्ष पत्नी गिरीश सिंह पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले से महिला घबरा गई। इस दौरान गुलदार ने महिला के सिर और चेहरे पर पंजे मार कर लहूलुहान कर दिया।

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पुष्पा देवी पर यह हमला पीछे से किया गया था। जिसके बाद पुष्पा जमीन पर गिर गई, लेकिन उसने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और तेंदुए से भिड़ने लगी। इस बीच कुंती देवी और ललिता देवी भी दरांती और लकड़ी लेकर तेंदुए पर वार करने लगीं।

महिलाओं ने करीब 10 मिनट तक संघर्ष करके तेंदुए को वहां से भागने पर मजबूर कर दिया। साथी महिलाओं ने पुष्पा को सड़क तक पहुंचाया, जहां से पहले निजी वाहन और फिर 108 एंबुलेंस से पुष्पा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीएमएस डॉ. एचसी खड़ायत ने बताया कि महिला के सिर के पीछे, पांव में चोटें आई हैं। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है।

महिलाओं की सूझबूझ और बहादुरी से पुष्पा देवी की जान बची है। पूर्व जिपं अध्यक्ष विरेंद्र बोहरा ने अस्पताल पहुंच कर घायल महिला पुष्पा का हाल चाल लिया।

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